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नित्यानंद रस क्या है? इसके फायदे, उपयोग और सेवन विधि

On: October 16, 2025 4:57 PM
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Nityanand Ras uses in Hindi
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🔹 नित्यानंद रस क्या है?

नित्यानंद रस एक शुद्ध हर्बो-मिनरल संयोजन (Herbo-mineral formulation) है, जिसमें मुख्य रूप से गंधक (Sulphur), पारा (Mercury), त्रिकटु (सोंठ, मरीच, पिपली), और अन्य औषधीय द्रव्य शामिल होते हैं। यह दवा आमतौर पर कज्जलीकरण प्रक्रिया द्वारा तैयार की जाती है, जिससे इसकी प्रभावशीलता बढ़ जाती है।

🔹 नित्यानंद रस के मुख्य लाभ (Benefits of Nityananda Ras)
1. त्वचा रोगों में लाभदायक (For Skin Diseases):

नित्यानंद रस कुष्ठ रोग (Leprosy), सोरायसिस (Psoriasis), एक्जिमा (Eczema), खुजली (Itching) और फोड़े-फुंसी जैसे त्वचा विकारों में अत्यंत लाभकारी है। यह खून को शुद्ध करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाता है।

2. गठिया और जोड़ों के दर्द में आराम (Relief in Arthritis & Joint Pain):

इसमें उपस्थित औषधीय तत्व सूजन और दर्द को कम करते हैं। यह रुमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis), गठिया (Gout), और जोड़ों की अकड़न में राहत देता है।

3. शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है (Boosts Immunity):

नित्यानंद रस शरीर को अंदर से मजबूत करता है और संक्रमणों से बचाने में मदद करता है। नियमित सेवन से रोगों के प्रति शरीर की सहनशीलता बढ़ती है।

4. खून की शुद्धि में सहायक (Blood Purifier):

यह शरीर से अम्ल और विषैले पदार्थों (Toxins) को निकालने में मदद करता है, जिससे खून शुद्ध होता है और चेहरे की चमक में भी वृद्धि होती है।

5. फोड़े, फुंसी और घावों में लाभ (Useful in Boils & Ulcers):

यदि शरीर में बार-बार फोड़े या घाव बनते हैं, तो नित्यानंद रस उनके उपचार में सहायक सिद्ध होता है।

नित्यानंद रस क्या है? इसके फायदे, उपयोग और सेवन विधि
नित्यानंद रस क्या है? इसके फायदे, उपयोग और सेवन विधि



🔹 नित्यानंद रस के प्रमुख घटक (Key Ingredients)

गंधक (Sulphur) – जीवाणुनाशक गुणों से भरपूर

पारा (Mercury) – शरीर की शुद्धि में सहायक

त्रिकटु चूर्ण (सोंठ, मरीच, पिपली) – पाचन और अवशोषण में सहायक

गिलोय, नीम और हरिद्रा – प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने वाले

🔹 सेवन विधि (Dosage and Usage)

सामान्यतः वयस्कों के लिए: 1 गोली सुबह और 1 गोली शाम

इसे गिलोय रस, नीम रस, या गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है।

सेवन से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

🔹 सावधानियाँ (Precautions)

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन नहीं करना चाहिए।

अत्यधिक सेवन से पेट में जलन या कमजोरी हो सकती है।

दवा को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और ठंडी, सूखी जगह पर सुरक्षित रखें।

🔹 निष्कर्ष (Conclusion)

नित्यानंद रस एक प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि है जो शरीर को अंदर से शुद्ध कर त्वचा, जोड़ों और खून से संबंधित विकारों को दूर करती है। यह केवल रोग का इलाज ही नहीं बल्कि शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और संतुलित रखने में भी मदद करती है।

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