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फलत्रिकादि घृत के फायदे, उपयोग और गुण – एक संपूर्ण आयुर्वेदिक परिचय

On: October 22, 2025 4:06 PM
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Phaltrikadi Ghrita Benefits in Hindi
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आयुर्वेद में घृत (घी आधारित औषधियाँ) को सबसे उत्तम औषधि माध्यम माना गया है, क्योंकि यह शरीर के सूक्ष्म नाड़ियों तक पहुँचकर गहराई से काम करती है।
फलत्रिकादि घृत (Phaltrikadi Ghrita) भी ऐसा ही एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक घृत है, जो मुख्य रूप से स्त्री रोगों, बांझपन, गर्भाशय संबंधी विकारों और प्रजनन तंत्र को संतुलित करने में अत्यंत उपयोगी माना गया है।


🌿 फलत्रिकादि घृत क्या है?

फलत्रिकादि घृत एक बहु-औषधीय घृत है जो कई औषधीय जड़ी-बूटियों के काढ़े और घी को मिलाकर तैयार किया जाता है।
इसमें प्रमुख रूप से फलत्रिकादि समूह की जड़ी-बूटियाँ, जैसे –

  • हरितकी (Haritaki)

  • बिभीतकी (Bibhitaki)

  • आमलकी (Amalaki)

  • गोक्षुर (Gokshura)

  • अश्वगंधा (Ashwagandha)

  • शतावरी (Shatavari)

  • विदारीकंद (Vidarikand)
    आदि का प्रयोग होता है।


⚕️ फलत्रिकादि घृत के प्रमुख लाभ (Benefits of Phaltrikadi Ghrita)

🩺 1. बांझपन (Infertility) में लाभकारी

यह स्त्रियों और पुरुषों दोनों में प्रजनन शक्ति (fertility) को बढ़ाता है।
महिलाओं में यह गर्भाशय को पोषण देता है और अंडोत्सर्जन (ovulation) को नियमित करता है।
पुरुषों में यह वीर्य की गुणवत्ता और संतानोत्पत्ति क्षमता में सुधार लाता है।


🌸 2. मासिक धर्म की अनियमितता में सहायक

फलत्रिकादि घृत हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करता है।
यह पीएमएस (PMS), अनियमित पीरियड्स, अत्यधिक या कम रक्तस्राव जैसी समस्याओं में मदद करता है।


🧠 3. तनाव और मानसिक थकावट में लाभकारी

इसमें उपस्थित अश्वगंधा और शतावरी जैसी औषधियाँ मन को शांत करती हैं,
तनाव (stress) और अनिद्रा (insomnia) को कम कर शरीर को संतुलित रखती हैं।


💪 4. शरीर में बल और ओज बढ़ाता है

यह एक उत्तम रसायन (Rejuvenator) है, जो शरीर की शक्ति, ओज और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
दीर्घकालीन उपयोग से शरीर स्वस्थ, मजबूत और ऊर्जावान बनता है।


🧬 5. गर्भधारण के लिए उत्तम (For Conception Support)

फलत्रिकादि घृत का सेवन गर्भाशय की शुद्धि और बीज (Ovum) की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है,
जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है।


🥄 सेवन विधि (Dosage and Usage)

  • मात्रा: 10 से 15 ग्राम (लगभग 1 से 2 चम्मच)

  • सेवन समय: सुबह खाली पेट या भोजन के बाद

  • सहपान (With): गुनगुना दूध या गुनगुना पानी
    👉 सेवन हमेशा वैद्य की सलाह से करें, क्योंकि मात्रा व्यक्ति की प्रकृति और रोग के अनुसार बदल सकती है।


⚠️ सावधानियाँ (Precautions)

  • गर्भावस्था के दौरान बिना चिकित्सक की सलाह के सेवन न करें।

  • अत्यधिक तैलीय भोजन से परहेज़ करें।

  • डायबिटीज़ या पित्त प्रकृति वालों को मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए।


🌼 निष्कर्ष (Conclusion)

फलत्रिकादि घृत एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है, जो स्त्री रोगों, गर्भाशय की दुर्बलता, हार्मोन असंतुलन और बांझपन जैसी समस्याओं में अत्यंत उपयोगी है।
यह न केवल रोग को दूर करता है, बल्कि शरीर को भीतर से पोषण देकर मानसिक और शारीरिक संतुलन भी बनाए रखता है।

यदि आप प्राकृतिक और सुरक्षित रूप से अपने प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहते हैं,
तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से फलत्रिकादि घृत का सवन निश्चित रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।

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