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आयुर्वेद की शक्तिशाली दवा जो पेट के कीड़ों को करती है जड़ से खत्म

On: October 22, 2025 4:06 PM
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आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अनेक ऐसी औषधियाँ हैं जो शरीर को प्राकृतिक रूप से रोगमुक्त करने की क्षमता रखती हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत प्रभावशाली दवा है “Krumikuthar Ras”। यह दवा विशेष रूप से पेट के कीड़ों (Intestinal Worms) को नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है। “Krumi” का अर्थ है कीड़ा और “Kuthar” का अर्थ है नाशक या संहारक। यानी इसका सीधा अर्थ हुआ — “कीड़ों का संहार करने वाली औषधि”।

क्या है Krumikuthar Ras?

Krumikuthar Ras एक शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधि है, जो रस औषधियों में आती है। इसे मुख्य रूप से पारद (Mercury), गंधक (Sulphur), विडंग, पिप्पली, हरितकी, त्रिफला, लवण, नीम आदि जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
इसका निर्माण पारंपरिक आयुर्वेदिक विधियों से किया जाता है ताकि इसमें मौजूद तत्व शरीर में शीघ्र अवशोषित होकर अपना प्रभाव दिखा सकें।

मुख्य घटक (Ingredients)

Krumikuthar Ras में कई प्रमुख औषधीय घटक शामिल होते हैं, जैसे —

  • विडंग (Vidanga) – कीड़ों को नष्ट करने वाली सर्वश्रेष्ठ जड़ी-बूटी।

  • पिप्पली (Pippali) – पाचन शक्ति बढ़ाने और गैस दूर करने में सहायक।

  • हरितकी, बिभीतकी, आमलकी (त्रिफला) – शरीर की शुद्धि और पाचन में सुधार करती हैं।

  • नीम (Neem) – एंटीबैक्टीरियल और एंटीवर्म गुणों से युक्त।

  • पारद और गंधक (Mercury & Sulphur) – औषधि की शक्ति को बढ़ाते हैं और रोगनाशक प्रभाव डालते हैं।

  • सैंधव लवण (Rock Salt) – पाचन तंत्र को संतुलित रखता है।

Krumikuthar Ras के प्रमुख फायदे (Main Benefits)

1. पेट के कीड़ों का नाश करता है

इसका सबसे प्रमुख कार्य है आंतों में पाए जाने वाले कीड़ों को खत्म करना
यह दवा पिनवर्म, राउंडवर्म, टेपवर्म जैसे परजीवियों को जड़ से नष्ट कर देती है और दोबारा पनपने नहीं देती।

2. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

Krumikuthar Ras में मौजूद त्रिफला, पिप्पली और विडंग जैसे घटक अम्लपित्त, गैस और बदहजमी जैसी समस्याओं को दूर करते हैं।
यह भूख को बढ़ाता है और पाचन क्रिया को संतुलित रखता है।

3. पेट दर्द और सूजन में लाभदायक

जिन लोगों को पेट में बार-बार दर्द, सूजन या भारीपन की शिकायत रहती है, उनके लिए यह औषधि बेहद फायदेमंद है।
यह पेट में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालती है और सूजन कम करती है।

4. त्वचा रोगों में भी उपयोगी

पेट के कीड़े अक्सर रक्त को दूषित कर देते हैं, जिससे त्वचा पर फोड़े, दाने या खुजली जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
Krumikuthar Ras शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर त्वचा को स्वच्छ और स्वस्थ बनाता है।

5. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

यह औषधि न केवल कीड़ों को नष्ट करती है, बल्कि शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है।
नियमित सेवन से शरीर में हल्कापन और ऊर्जा बनी रहती है।

सेवन विधि (Dosage and Usage)

आमतौर पर Krumikuthar Ras की खुराक व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
लेकिन सामान्यतः —

  • वयस्कों के लिए: 1 गोली दिन में 1 से 2 बार, खाने के बाद गुनगुने पानी या शहद के साथ।

  • बच्चों के लिए: आधी गोली या चिकित्सक की सलाह अनुसार।

👉 महत्वपूर्ण:
हमेशा इसे आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही लें।
अत्यधिक सेवन हानिकारक हो सकता है।

क्या है Krumikuthar Ras?

सावधानियाँ (Precautions)

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ बिना चिकित्सक की सलाह के इसका सेवन न करें।

  • दवा लेते समय अत्यधिक तले-भुने या मीठे खाद्य पदार्थों से बचें।

  • शराब या धूम्रपान जैसी आदतें छोड़ना लाभदायक रहेगा।

  • बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

संभावित साइड इफेक्ट्स (Possible Side Effects)

यदि इसे निर्धारित मात्रा में लिया जाए तो इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते।
लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से

  • पेट में जलन,

  • मितली,

  • या दस्त जैसी समस्या हो सकती है।
    इसलिए इसे हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही उपयोग करें।

कहाँ से खरीदें (Where to Buy)

Krumikuthar Ras आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Dabur, Baidyanath, Zandu, Patanjali, Dhootapapeshwar आदि ब्रांड्स में आसानी से उपलब्ध है।
खरीदते समय हमेशा विश्वसनीय ब्रांड और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

निष्कर्ष (Conclusion)

Krumikuthar Ras आयुर्वेद की एक ऐसी अमूल्य औषधि है जो पेट के कीड़ों और पाचन संबंधी समस्याओं को जड़ से समाप्त करती है।
इसके नियमित और नियंत्रित सेवन से शरीर हल्का, पेट साफ और मन प्रसन्न रहता है।
यह औषधि न केवल कीड़ों को मारती है, बल्कि शरीर को अंदर से शुद्ध और स्वस्थ बनाती है।

👉 लेकिन याद रखें — किसी भी आयुर्वेदिक दवा का सेवन करने से पहले योग्य वैद्य या डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।

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