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पुष्करमूल Pushkarmool: सांस, हृदय और सूजन के लिए एक असरदार आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी

On: December 13, 2025 4:11 PM
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Puskaramul ke fayede
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पुष्करमूल (Pushkarmool) – एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि

परिचय

पुष्करमूल आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग सदियों से श्वसन तंत्र, हृदय और सूजन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है। इसे संस्कृत में पुष्करमूल और अंग्रेज़ी में Inula racemosa कहा जाता है। इसकी जड़ औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। आयुर्वेद में इसे कफ-वात संतुलक और बलवर्धक माना गया है।

पुष्करमूल के प्रमुख उपयोग (Uses)

1. सांस से जुड़ी समस्याओं में

  • अस्थमा

  • ब्रोंकाइटिस

  • सांस फूलना
    पुष्करमूल कफ को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करता है।

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए

  • दिल की कमजोरी

  • सीने में जकड़न

  • रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक

3. सूजन और दर्द में

  • जोड़ों का दर्द

  • शरीर में सूजन
    इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं।

पुष्करमूल के फायदे (Benefits)

✔ कफ और वात दोष को संतुलित करता है

यह जड़ी-बूटी कफ को नियंत्रित कर सांस की नलियों को साफ रखने में मदद करती है।

✔ इम्युनिटी को सपोर्ट करता है

नियमित और सही मात्रा में सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकती है।

✔ पाचन को बेहतर बनाए

  • गैस

  • अपच

  • पेट भारीपन
    पुष्करमूल पाचन अग्नि को सक्रिय करता है।

✔ हृदय को मजबूती देता है

आयुर्वेद के अनुसार यह हृदय को बल देता है और कमजोरी में उपयोगी है।

सेवन के तरीके (How to Use)

ध्यान दें: सेवन से पहले वैद्य या डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

  • चूर्ण (पाउडर):
    250–500 mg, शहद या गुनगुने पानी के साथ

  • काढ़ा:
    पुष्करमूल की जड़ को पानी में उबालकर

  • कैप्सूल/टैबलेट:
    आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह अनुसार

संभावित साइड इफेक्ट्स (Side Effects)

सही मात्रा में लेने पर आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन अधिक मात्रा में लेने से:

  • पेट में जलन

  • मितली

  • एलर्जी की संभावना
    हो सकती है।

सावधानियां (Precautions)

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं सेवन न करें

  • बच्चों को देने से पहले डॉक्टर से पूछें

  • पहले से हृदय या गंभीर बीमारी हो तो स्वयं सेवन न करें

  • लंबे समय तक लगातार सेवन से बचें

निष्कर्ष (Conclusion)

पुष्करमूल एक प्रभावशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो खासकर सांस, हृदय और सूजन से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है। हालांकि यह प्राकृतिक है, फिर भी सही मात्रा और सही सलाह के साथ ही इसका उपयोग करना चाहिए। अगर आप आयुर्वेदिक तरीके से अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो पुष्करमूल एक अच्छा विकल्प हो सकता है — लेकिन हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के साथ।

नोट: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, किसी भी प्रकार के उपचार से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें।

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